सभी श्रमजीवी पत्रकारों को मिले चिकित्सा कार्ड Jun17

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सभी श्रमजीवी पत्रकारों को मिले चिकित्सा कार्ड

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मई दिवस रैली में श्रम मंत्री शाहिद मंजूद को दिया गया मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन
लखनउः यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन ने ‘मजदूर दिवस’ के अवसर पर यूपी प्रेस क्लब में आयोजित अखबार कर्मियों की रैली में सभी श्रमजीवी पत्रकारों को चिकित्सा कार्ड देने, आसान शर्तों पर फलैट और भूखण्ड उपलब्ध कराने और ‘पत्रकार बन्धु’ को पुर्नजीवित करने की मांग की है।
मुख्यमंत्री को सम्बोधित उक्त ज्ञापन श्रम मंत्री श्री शाहिद मंजूर को दिया गया जिसकी प्रति प्रमुख सचिव सूचना और प्रमुख सचिव श्रम को दी गयी है। श्रम मंत्री ने कहा कि ज्ञापन में उठाई गयी मांगों को पूरा कराने का प्रयास करेंगे।
श्री शाहिद मंजूर ने अपने सम्बोधन में मई दिवस की बधाई देते हुए कहा कि वेज बोर्ड अवार्ड न होने के पीछे मजदूर संगठनों का कमजोर होना भी है। यदि संगठन मजबूत होगा तो सरकार की हिम्म्त नहीं होगी िकवह उसकी बात न माने। कलम में सरकारों को झुकाने की ताकत है।
रैली को यूपी वर्किंग जर्नलिस्त यूनियन के अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी, महामंत्री पी के तिवारी, यूपी प्रेस क्लब के अध्यक्ष रविन्द्र कुमार सिंह और जेपी तिवारी के अलावा वरिष्ठ पत्रकार हेमन्त तिवारी, षिवषंकर गोस्वामी, सुरेश बहादुर सिंह, सिद्धार्थ कलहंस, कुतुबउल्लाह, काजिम हुसैन और आसिफउल्लाह ने सम्बोधित किया।
प्रदेश अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी ने कहा कि 1889 की मई क्रान्ति की मुख्य मांग मजदूरों के काम के घंटे घटाकर आठ करने की थी लेकिन आज 127 वर्षों बाद भारत में पहिया उल्टा घूम रहा है। यहां अब काम के घण्टों की कोई सीमा नहीं रह गयी है।
वरिष्ठ पत्रकार रामदत्त त्रिपाठी ने कहा कि श्रम विभाग को अखबारों के कार्यालयों का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का पता लगाना चाहिये। श्री रविन्द्र सिंह ने कहा कि अखबार संक्रमण काल से गुजर रहे है। वेज बोर्ड की संस्तुतियां लागू होना तो दूर उल्टे अखबारों में छटनी हो रही है।
श्री शिवशंकर गोस्वामी ने कहा कि मई दिवस का संदेष था ‘दुनिया के मजदूरों एक हो’। आज हम सबको उसी सन्देष को आगे बढ़ाते ुए आपसी मतभेद भुलाकर एक होना होगा। श्री सिद्धार्थ कलहंस ने कहा कि उदारीकरण के बाद युनियनें खत्म हो रही हैं और सरकारें मजदूरों के बजाये मालिकों का पक्ष ले रही हैं।
ज्ञापन
प्रदेश अध्यक्ष श्री हसीब सिद्दीकी द्वारा श्रममंत्री को दिये गये ज्ञापन में मांग की गयी कि मजीठिया वेतन बोर्ड के अवार्ड को सख्ती से लागू कराया जाय और उसकी स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को तुरन्त दी जाय। पीजीआई में राज्य मुख्यालय के मान्यता प्राप्त पत्रकारों का मुफत चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिये मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मांग की गयी है कि उसका लाभ सभी श्रमजीवी पत्रकारों को पहुंचाया जाय। ज्ञापन में उत्तर प्रदेश प्रेस मान्यता समिति के गठन की भी मांग की गयी है।